आज दिल कर रहा था, बच…

आज दिल कर रहा था, बच्चों की तरह रूठ ही जाऊँ,पर,
फिर सोचा, उम्र का तकाज़ा है, मनायेगा कौन।।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *