बच्चे?

बिना अश्रुओं से रोना कितना तकलीफ देता है।
अच्छा होता आज भी हम बच्चे होते ।
रोने का सबब तो कोई न पूछता।
और लोग कहते बच्चा ही तो है।
जिद्द कर बैठा होगा।

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