तुम

तेरे आंगन की वो धूप,
ढलने लगी है
तेरे चाँद की रोशनी,
धटने लगी है
तेरा चेहरा यादो से,
अब मिटने लगा है।

अब ये रास्ते,
अब ये दूरियाँ,
बढने लगी है

तेरे सिवा क्या है मेरा,
तेरे बिना कुछ ना था

उस शायर की बातो मे,
शब्द नही है तेरे लिए

उस गायक की वाणी मे,
सुर नही है तेरे लिए

सबका दुलारा, सबका प्यारा ,
सबका दुलारा, सबका प्यारा ,
था वो।

उसके बिना,
जग लागे सूना – सूना।

प्यार की जो बून्द से
सागर भरा तूने मेरा था
उस बून्द के चले जाने से
सागर भी सुखा-सुखा था।

तेरी यादो ने बड़ा सताया है,
तेरी बातो ने बड़ा रुलाया है।

तुने अपनी गोदी मे हमको बड़ा सुलाया है।
तुने ही ईस दुनिया मे रहना हमे सिखाया है।

तोड़ा गया हमे उस टहनी से,
जिसने हमे बनाया है।
जोड़ा गया हमे उस टहनी से,
जिसने हमे रुलाया है।

जग धूम लिया हमने सारा,
पर तुम जैसा कोई मिला नही।
जग छोड़ दिया हमने सारा,
पर तुम जैसा कोई दिखा नही।

मर जाएगे, मिट जाएगे,
पर तुमसे जुदा ना हो पाएगे।

चोट हमको लगी, आसु तुम्हारे बहे।
काम तुम करो, शाबाशी हमे मिले।
दुआऐ तुम मांगो, खुशी हमे मिले।

अंधेरे मे तुम रहे,
रोशन हमे करते रहे।

तेरी खुशबू अब फिकी लगने लगी है,
तेरे चाँद मे दाग से पड़ने लगे है।
तूँ छोड़ के हमे जो चला गया,
अब तो
आँखो के आँसु भी सूखने लगे हैं। ×2

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