यूँ न मुझ को दे…

यूं न मुझ को देख की तेरा दिल पिघल न जाये
मेरे आंसुओ से तेरा दामन जल न जाये

वो मुझ से फिर मिला है आज ख़्वाबों में
ऐ खुदा कहीं मेरी नींद खुल न जाये

जी भर के देख लो हम को तुम सनम
क्या पता फिर ज़िन्दगी की शाम ढल न जाए

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