गुरू गुरू वही है ज…

गुरू*

गुरू वही है जो इंसान की आँखें खोल दे
सच कितना भी कडुवा हो मुँह पर बोल दे।

इंसान के जीवन को प्रभु चरणों से जोड़ दे
अंधकार से निकालकर रोशनी से जोड़ दे।

हमारे शब्दों से किस…

हमारे शब्दों से किसी के चोट लगे तो उसके लिए हम क्षमा प्रार्थी हैं,

किंतु सही बात भी किसी को हज़म न हो तो वो निहायत स्वार्थी है।

ज़ुल्फ़ें चेहरे …

ज़ुल्फ़ें

चेहरे पर झूमती ज़ुल्फ़ों को
जब वो ऊपर करती है।
दूर बैठी मेरी अँगुली कल्पनाओं
में उनको नीचा करती है।

कैसे कहें उनको रहने दो
ना इनको चेहरे पर पड़े हुए।
मन मोह लेती हैं ये ज़ुल्फ़ें
झूलती गालों पर पड़े हुए।

ग़ुरूर वो ग़ुरूर…

ग़ुरूर

वो ग़ुरूर में चूर थे ऊँचा ओहदा पाकर
अँधों में अपने को राजा कहलवा कर।

बड़े ख़ुश थे अपने को सबसे घिरा पाकर
फूले नहीं समा रहे थे झूठी प्रशंसा पाकर।

रेस दुनियाँ की दौ…

रेस

दुनियाँ की दौड़ में हम भी दौड़ रहे थे,
पीछे यादों का क़ाफ़िला छोड़ रहे थे।

हाँसिल क्या होगा यह तो पता नहीं
मिलेगी मंज़िल या नहीं कुछ खबर नहीं।

पर फिर भी देखा देखी हम भी दौड़ रहे थे
कुछ पाने के लिए हम बहुत कुछ खो रहे थे।

ये कैसा इश्क है उर…

ये कैसा इश्क है “उर्दू” ज़बाॅं का
मज़ा घुलता है, लफ़्ज़ों का ज़बाॅं पर,
कि जैसे पान में महॅंगा क़िमाम घुलता है
ये कैसा इश्क है उर्दू जबाॅं का।
नशा आता है उर्दू बोलने में

(नज़्म उर्दू ज़बाॅं)

अलंकार अजीब

तुम्हें जिंदगी के उज…

तुम्हें जिंदगी के उजाले मुबारक
अंधेरे हमें आज रास आ गए हैं

तुम्हें पा के हम खुद से दूर हो गए थे
तुम्हें छोड़कर अपने पास आ गए हैं
तुम्हें जिंदगी के…

तू कितने confidence …

तू कितने confidence से भेजता है ना…
इस दुनियां में मालिक…
ना आते वक्त कुछ लाना पड़ता है…
और ना ही जाते वक्त कुछ
ले जाना पड़ता है…!!