जिस चीज़ का डर था वही…

जिस चीज़ का डर था वही हो गयी
तुम्हरा प्यार किसी से बाँटना नहीं चाहता था
मेरे सामने तुम्हरी शादी हो गयी
गलती सब से हो जाती है गलती मुझसे भी हो गयी
मैंने तो करी मोहोबत तुमसे, मगर तुम्हे किसी और से हो गयी !!

Ravi Raj (Surya)

क्या करो ऐसा कि तुम …

क्या करो ऐसा कि तुम मेरी हो जाओ,
कौन सी मज़ीद में करू सज़दे,
कौन से मंदिर में माथा टेक आओ
कौन से पेड से बाँधु धागे,
कौन से कुए में मन्नत मांग नाम लिख तेरा फैक अऊ
और एक रोज़ बजे मेरे घर के दरवाज़े की घंटी,
तुम किचिन से कहो खाली हो तो देख लो,
नहीं तो में देख आओ !

Ravi Raj (Surya)

Ishq

कितनी मासूम सी है ख्वाहिस आज मेरी…
कि नाम अपना तेरी आवाज़ से सुनूँ ….