दिल

ये दिल कोई आइना तो नहीं फिर भी साला टूट क्यो जाता है इसे तो पिचक जाना चाहिए।♥♥

मेर

हम अपने जीवन रूपी पौधे को मेहनत रूपी जल तो हर रोज देते हैं।अब फल तो मेरी मेहनत पर निरभर है।

तनवी