khamoshiya

गुफ्तगू के ख़त्म हो जाने पर आया ये ख़याल
जो जबां तक आ नहीं पाया वही तो दिल में था??

बातों में बहुत बात होती हैं।
पर वो बात नहीं होती।
जो मेरे ख्यालात में होती है।

बहुत करीब हो के भी भी वो बहुत दूर है।
अदब से कह दो दिल को।
की काबू में रहे।
वरना चकनाचूर होते देर नहीं लगेगी।

हम वो नहीं जो हालात से बदल जाए।
हवा की तरह बह जाए।
आज़माने का दौर आये तो।
आज़मा लेना।
हम वो नहीं जो इश्क की राह से मुड़ जाये।

लोग कहते है दिल बदल जाता है।
वो क्या करे ।
जिसके सीने में दिल नहीं।

वो दिन भी क्या दिन होगा।
जब लोग हमें सुकून से सोता देखेंगे।
और बोलेगे बहुत जागी है।
अब चैन से सो लेने दो।

एक दिन तुम बहुत याद करोगे।।
वो दिन भी क्या दिन होगा।
आप जागोगे।
और हम सोते रहेंगे।

तन्हाई

तन्हाइयां बेहतर है।
भीड़ भरी महफ़िल से।
भीड़ में मैं गुम सी हो गई।।
तन्हाई मुझे अपनी सी लगी।