इस कदर बट गए ह…

इस कदर बंट गए हैं ज़माने में सभी,

अगर खुदा भी आकर कहें “मै भगवान हूं”

तो लोग पूछ लेंगे‌, किसके ?

रब ने नवाजा हमें ज…

“रब” ने नवाजा हमें जिंदगी देकर;
और हम “शौहरत” मांगते रह गये;

जिंदगी गुजार दी शौहरत के पीछे;
फिर जीने की “मौहलत” मांगते रह गये।

ये कफन, ये जनाज़े, ये “कब्र” सिर्फ बातें हैं मेरे दोस्त,
वरना मर तो इंसान तभी जाता है जब याद करने वाला कोई ना हो…!

ये समंदर भी तेरी तरह खुदगर्ज़ निकला,
ज़िंदा थे तो तैरने न दिया और मर गए तो डूबने न दिया…

क्या बात करें इस दुनिया की
हर शख्स के अपने अफसाने हैं

जो सामने हे उसे लोग बुरा कहते हैं,
जिसको देखा नहीं उसे सब “खुदा” कहते हैं

alone

आज परछाई से पूछ ही लिया
क्यों चलती हो , मेरे साथ

उसने भी हँसके कहा,
दूसरा कौन है तेरे साथ

मेहनत से उठा हूँ, म…

मेहनत से उठा हूँ, मेहनत का दर्द जानता हूँ,
आसमाँ से ज्यादा जमीं की कद्र जानता हूँ।

लचीला पेड़ था जो झेल गया आँधिया,
मैं मगरूर दरख्तों का हश्र जानता हूँ।

छोटे से बडा बनना आसाँ नहीं होता,
जिन्दगी में कितना जरुरी है सब्र जानता हूँ।

मेहनत बढ़ी तो किस्मत भी बढ़ चली,
छालों में छिपी लकीरों का असर जानता हूँ।

कुछ पाया पर अपना कुछ नहीं माना,
क्योंकि आखिरी ठिकाना “में” मिटटी का घर मानता हूँ।

बेवक़्त, बेवजह, बेहिसाब मुस्कुरा देता हूँ,
आधे दुश्मनो को तो यूँ ही हरा देता हूँ!!

सुनो ज़िक्र है कई सा…

सुनो ज़िक्र है कई साल का कि किया इक आप ने वअ’दा था

सो निबाहने का तो ज़िक्र क्या तुम्हें याद हो कि न याद हो

कहा मैं ने बात वो कोठे की मिरे दिल से साफ़ उतर गई

तो कहा कि जाने मिरी बला तुम्हें याद हो कि न याद हो

वो बिगड़ना वस्ल की रात का वो न मानना किसी बात का

वो नहीं नहीं की हर आन अदा तुम्हें याद हो कि न याद हो