Thoughts of अरकम खान

पानी को कसकर पकड़ोगे तो वो हाथ से छुट जायेगा,
उसे बहेने दो वो अपना रास्ता खुद बना लेगा,
कभी कभी जब परिस्थितियां समझ में ना आये तो,
जो कुछ जीवन में घटित हो रहा है उसे शांत भाव व
तटस्थ होकर बस देखना चाहिए,
समय आने पर जीवन अपना मार्ग खुद बना लेगा !!

मन की बात

पसीने की स्याही से जो लिखते हैं इरादों को
उनके मुक़द्दर के सफ़ेद पन्ने कोरे नहीं होते।
ख्वाइश बस इतनी सी है कि लोग मेेरे लफ़्ज़ों को समझें ।
आरज़ू ये नहीं कि लोग वाह वाह करें ।।