हम शाम ओ सुबह मुंतजी…

हम शाम ओ सुबह मुंतजीर रहे उनके जवाबों के और वह किसी और ही महफिले चैट में रिप्लाई करना सीख गये ।हम कुछ देर जो दूर हुए क्या उनसे वह हमारे बिना ही रहना सीख गए