कौन करेगा

मेरी आह मेरी टीस मेरी कसक कौन सुनेगा ,
मै पागल हूँ सच बोलता हूँ, मेरी बात कौन सुनेगा ,
ईमानदारी से चलना है, अकेला भी चलूंगा,
बैईमानो की बस्ती में मेरे काफिले में कौन चलेगा ,
अपनी मजबूरियों मे तुम गुजारो जिंदगी,
आजाद होकर मेरे साथ जिंदगी कौन जिएगा,
तुम्हारे हांथो की लकीरें तुम्हारा भाग्य बुनती होगी ,
पत्थर से रगड़ रगड़ कर अपना भाग्य कौन बूनेगा ,
मेरी आह मेरी टीस मेरी कसक कौन सुनेगा

Dark soul

Dark is the night,
Darker the soul,
Fathomless depths,
Stories untold…
Dog was barking,
the masses behold,
He was waiting with bated breath,
No one turned with the heart of gold,
frostbite penetrates his skin,
the child of God died of cold.

This is the morning biggest headline,
masses on behold suddenly awake,
Opposition started foul whine,
the vultures gathered with cameras,
the reporter made sure her perfect eyline,
she was furious over the incident,
so furious she asked government to resign,

Next night arrived,
the news become old,
Media chooses an actresses affair,
mass get busy watching footbal goals,
another child of God died,
Darkness has again enterd the soul.

माँ तबतक बेचारी है ,…

माँ तबतक बेचारी है ,
दुपट्टा जबतक आँचल पे भारी है ,
दो रोटी देकर साहूकार बन गया है ,
तेरी सांस भी माँ की उधारी है ,
तेरे खातिर भगवान को भी लाचार किया था उसने ,
तेरे लिए ममता ही अब उसकी लाचारी है ,

Tab meri yad to tumko aati hogi

जब अमावश की काली रातो में एकांकी छाती होगी ,
उसकी चालाकी भरी बाते तुमको भरमाती होगी ,
तुम्हारे चयन के प्रसन तुमको ही उलझाती होंगी ,
तब मेरी याद तो तुमको आती होगी
तब मेरी याद तो तुमको आती होगी

तुम्हारा आकर्षण जब जब उसका दिल बहलाती होंगी ,
उसके स्पर्श से तुम्हारी रूह कपकपाती होगी
मन मारकर जब तुम चादर सी बिछ जाती होगी
नैन तुम्हारी निर्झर नीर बहाती होगी ,
तब मेरी याद तो तुमको आती होगी ,
तब मेरी याद तो तुमको आती होगी ,

उसके नाम का सिंदूर जब जब तुम मांग में सजाति होगी ,
आयना तुम्हारी कसम तुम्को ही याद दिलाती होगी ,
मन तुम्हारा फिर बीते लम्हों को दोहराती होंगी ,
मेरे श्रींगार के गीतों में भी अब सिसकियाँ सुनाती होगी
बोलो तब मेरी याद तो तुमको आती होगी , तब मेरी याद तो तुमको आती होगी

तुम उसके सामने भी तो बचपना दिखाती होगी ,
उसको भी तो अपने नखरे सुनाती होगी ,
मुझपे जिस तरह हक जमाती थी उसपर भी तो जाताती होगी
मेरे धड़कनो की आह फिर तुम्हारे सामने दीवार बन जाती होगी
तब मेरी याद तो तुमको आती होगी
तब मेरी याद तो तुमको आती होगी

मै एक कविता लिखना चा…

मै एक कविता लिखना चाहता था ,
उसमे इंद्रधनुष के सारे रंग भरना चाहता था ,
तुम्हारी आँखों में सज़े काजल को लिखना चाहता था ,
तुम्हारे माँथे पे सजी बिंदी और पैरो में खनकती पायल को लिखना चाहता था ,
लिखना चाहता था रात की काली चादर में जुगनुओ का टिमटिमाना ,
चाँद के नूर में तुम्हारे भीगे हुए होन्ठो का मुस्कुराना
मै लिखना चाहता था उन सालो को जिन्हे हमने लड़ते झगड़ते , रूठते मनाते बिता दिया ,
तुम्हारे हर उस इंकार को जिसने मुझे आइना दिखाया ,
तुम्हारे हर उस बात को जिसने मुझे हौंसला रखना सिखाया ,
तुम्हारे लिए उस चाहत को जिसने मुझमें काबिल बनने का जूनून जगाया
मै लिखना चाहता था अपनी हर उस साँस को जिनमे तुम्हारा जिक्र है ,
पर सच कहुँ तो ये कविता लिखना बड़ी बेईमानी सा लगता है ,
मेरी दोस्त दुनिया बड़ी बेरंग सी हो गयी है और मार्मिकता दम तोड़ चुकी है ,
गुलाल की जगह खून ने ले ली है और इंसानियत अपनी कब्र खुद खोद चुकी है ,
ऐसे में तुम्हारे हांथों में सजी मेहँदी की कल्पना करना भी अपराध सा लगता है ,
कहीं माँ अपना तन बेचने पे मजबूर है , कहीं खामोशियाँ पल पल मारती है ,
ऐसे में मुट्ठियां भीचना और दाँत पीसने के अलावा कुछ न कर पाना मेरी आत्मा को धिक्कारती है ,
ऐसा नहीं है की प्रेम मुझमे कहीं खो गया है या मुझे तुम्हारी जरूरत नहीं है ,
पर अब चुप्प भी नहीं रह सकता मेरी आत्मा कोई पत्थर की मूरत नहीं है ,
वैसे भी किलकारियों के शोर में मेंरी कविता कहीं खो जायेगी
ऐसे में मेरी कविताओं में प्रेम नहीं , मार्मिकता और आक्रोश को ही जगह मिल पाएगी
मेरी दोस्त मै तुमसे बेहद प्रेम करता हु जिन्हे मै लफ्ज़ो में कभी उतार नहीं पाया ,
पर तुम मेरी दोस्त इस भीड़ में मत खोना, हर साँस को दुगना जीना और वो सब करना जो मै नहीं कर पाया ,
बस मेरी एक छोटी सी ख्वाइश है , जिसे हो सके तो पूरा करना, मेरी कविता को तुम लिखना
हमेशा मुस्कुराती रहना और अपनी मुस्कराहट में मुझे और मेरी कविता को जिंन्दा रखना

मन्न करता है अच्छा ह…

मन्न करता है अच्छा हो जाऊ ,
सोचता हू क्यों न बच्चा हो जाऊं
मिले दुनिया में सब चेहरे बदल बदल कर
मै हि क्यों न दुनियाँ के साथ सच्चा हो जाऊं
कच्चि उम्र , कच्चे मकां और कच्चे आम की बात ही अलग है
मै भी इनमे शामिल हो कच्चा हो जाऊं ,
मन्न करता है अच्छा हो जाऊ

One beautiful morning, will free you from all pain

A beautiful morning will free you from all the pain, Glory, slander, wealth ,relation nothing will worry,
you will no longer tied to the life chain,

It doesn’t matter if spent whole life alone,
A beanfeast of people all in white will be in home,

Not sure if love for you will bring them, free snacks might,
How good u were will be the topic, how much they hated u in spite,

You will feel the vibes of people, and know who actually cried,
People will eventually introduce yourself deep inside,

In some nook , an old couple eyes will rain,
Their world will end , they will not see u again,

Emotions like hate, love, tears nothing will hurt,
You will be free soul, your peace cannot be abrupt,

The path you choosen will become example,
Some might take lesson, some like u will gamble,

Choose your path wisely, don’t leave only regret stain,
One beautiful morning, will free you from all pain

Mann tu mera haina a…

Mann tu mera haina aa dosti karle,
mai roj sawaaru tujhko, tu khud ko khali karle

Mann tu mera haina, Mann tu mera haina….

Dekhu tujhe jab, tu aaiane sa nazar aaye,
Na bhage idhar tu ,na bhaage udhar tu,
Bas ek jagah teher jaaye,
Uthe jab toofan kabhi to, tu mujhko jor se pakad le
Mann tu mera haina aa dosti karle, aa dosti krle!!!

Jab kuch bhi na tere dhang se chale,
Tujhko koi baat pareshaan kare,
Vicharo ki rimjhim rimjhim barsat ho aur khoob shor mache
Karle khud ko khaamosh tu, inse zindagi bhar ka sabak le,
Baith kuch pal mere sang, khud ko khaali karke,
Dena mera sath humesha ,tu khudko mera humsufar chunle
Mann tu mera haina mujhse dosti krle

Mann tu mera haina……..

Duniya mujhe ab achh…

Duniya mujhe ab achhi nahi lagti,
Puchne lagi hai jabse mera haal sachhi nahi lagti,
Ek bar dikhaya tha aaina sach bolkar,
Aise nimbu nichoda ki imliyan bhi ab khatti nahi Lagti

Hogi mitti humare tumhare liye, maa samjhne wale kisano ko mitti, mitti nahi lagti.

Chittiyan nahi Zinda hone ka saboot hoti hai,
Jawano k ghar wlao ko chittiyan chitti nahi lagti

bhot bhot pyaar hai use pakchiyon se,
Bas murge murgiyan use pakchi nahi lagti.

Yun to apne faisle lene ko umra uski kachhi hai
Bas hath Peele krne ho to kachhi umra bhi kachhi nahi lagti
Khud ko bacha k rakhna jamane se bachhiyon,
Haiwano ko bachhiyan bhi bachhi nahi lagti