Real Love

Your words are a sweet memory,
and your smile shines like a star,
you don’t need to change for me,
because I love you the way you are..!! ♥

माँ

माँ के यहां,
हर गलती की माफ़ी है,
दो पल अच्छे से बात कर लो,
उसके लिए यहीं काफी है,
गर है माँ बूढ़ी, और हो साथ,
उसके लिए यहीं काफी है,
हो उसके बच्चे दो या चार,
कभी किसी से की नहीं नाइंसाफी है,
बुढ़ापे की लाठी हो तुम,
उसके लिए यहीं काफी है,
पूरे कोई कर सकता नहीं,
जितना हिसाब उसका बाकी है,
ज़रूरी नहीं सेल्फी हों मम्मी के साथ,
सेलफिश न बनो तुम,
उसके लिए यही काफी है,
भूखी होगी वो, बीत चुके होंगे दिन चार,
तब भी पहले तूझे खिलाने को होगी वो तैयार,
उम्र बीत गयी,
कभी किताबों में भी ढ़ूंढ न पाया,
मम्मा लातीं है कहां से इतना प्यार,
कब आएगा लला मेरा,
रोज करती है मेरा इंतजार,
अफसोस है जता पाता नहीं कभी
कि माँ तुम हो मेरा संसार।

Recalling of the Great Soul ( Lord Buddha)

The Great Soul showed Us the Right Path ,

To follow his teaching, We have to Work hard,

We have to Discard Our Unpleasant feelings,

Fear, Anger,Jealousy & Others from Our Hearts

We have to make Good thoughts in our Minds

So that in This Modern & Machine World,

Covered With Rays of Truth & Peace ,

Contentment & Enlightenment in no time,

The New Moon in the Sky is in Full Shine.

मजबूरी

मैं कई दफा चूल्हे के आगे से भूखा उठा हूं,
ऐ रोटी अपना पता बता मुझे जहां तु बरबाद होती है.

जख्म

जख्म तू दिला दे,
ख़ुशी तो मैं खुद पा लूंगा,
तू एक बार मुस्करा दे,
मरहम मैं खुद लगा लूंगा।

शिकायतें आज सारी भूल जाने दे

जुल्फों को खुली ही रहने दे आज
उंगलियों को मेरी उसमें डूब जाने दे
अरसे हुए हैं तेरी दीदार को
आज खुल के मुस्कुराने दे
हर ज़ख्म को आज भर जाने दे
शिकायतें आज सारी भूल जाने दे
तकाज़ा तेरी इंतजार का है
परवाह तेरे दीदार का है
मुकद्दर से मुकम्मल हुई है तू
शिकायतें आज सारी भूल जाने दे
रूह में तेरी फना होने की इजाजत है,
क़िस्मत को भी आज रूठ जाने दे
तेरे नशीले नैनों में आज डूब जाने दे
शिकायतें आज सारी भूल जाने दे

Tum

Tum Mere kya Ho,Mei Nahi Janta ,
Ek Diya ,Tel ke Bina Jal Nahi Sakta ,
Ek Kamal ,Pani ke Bina Khil Nahi Sakta ,
Ek Mei ,Tumhare Bina Chal Nahi Sakta.

;बोलती हैं,तस्वीरेंजब मै पढता हूँ उन्हें;

…..

तस्वीरों को पढकर लिखता हूँ,मै;
दफ्न राज उनमे गहरे;गहरे;

बोलती बहूत हैं,अक्सर तस्वीरें;
दफ्न राज खोलती हैं,गहरे से गहरे;

बस ईतना कहती है, मुझे तस्वीरे;
,बस तुम देखो मुझे,और डुब जाओ;
तुम मुझमे, गहरे से गहरे;

सब कुछ भुलकर तुम
रहो मुझमे, बस ठहरे;
गहरे से गहरे;

@शायर@शुभ@;✍️;)