Es duniya mein loog …

Es duniya mein loog
hairaan kyu hai

wo baat jaante hue bhi
anjaan kyu hai

Es insaaniyat ki duniya mein
loog haiwaan kyu hai

Wo khud ko badal sakte nhi
Doosron k liye pareshan kyu hai

pakke h unke lekin sooch kacche maqaan
wali hai
abhi kuch loog ki aqal chote baccho
waali hai

दूर कहि

मन करति है कहि दूर उर जाये, बादल कि गहराई मे दूव जाये. ना जनजिरे कहि ना रोक टोक, अकेले कहि रोशनी मे खो जाये.

अश्क

तुम्हारे दिल की ज़मीं गर बंजर होने लगे तो बताना
बरसों से मेरे अश्क फिजूल ही बहा करते हैं।

झूला

ये जद्दोजहद ज़िन्दगी या कोई चरखी झूला
आज तू ऊपर कल मेरी बारी मेरे मौला …

Dard-E-Dil

Baatien labon pe hi ruk gayi,
Aansoon aankhoon main hi sukh gayi.
dil main tujhse milne k aas hai,
Jaane Kitne dino ka yeh vanvas hai.
By:- Arjun

uski yadein

ek din me kmre me so ri thi
maut aajati he mere ps
saath aane ka nuta dete
me jaan ki bheek mangti
bo mujh pr hsne lgti
kehti ki ab to tera apna he hi nhi
jeeoge kiske sahare
me muh mod lete
apni jaan ki tsveer
hth me pkda dete
eski yade hi kafi he

कुर्बानी का वक्त

नेता बनने की कुछ की ख्वाहिशें
जो बड़ी भीड़ के आगे चिल्ला रहे हैं
‘घरों से निकलो कि ये कुर्बानी का वक्त है’
और वो जो डिब्बों में भरा पेट्रोल दे गये हैं
इनका सियासी सांठ-गांठ अगर आप समझ लो;
अगर आप समझ लो कि ये जहरीली जुबान वाले
हाथों में माइक लिए जो हैं ‘सांपों के औलादे’ हैं
और वो जो मसीहे बन बैठे हैं धर्म की कुर्सियों पर
पानी नहीं, बेगुनाहों के खून पी पी कर जी रहे हैं
तो पाओगे,
ये जो देश जल रहा है
बेवजह जल रहा है|