तू कितने confidence …

तू कितने confidence से भेजता है ना…
इस दुनियां में मालिक…
ना आते वक्त कुछ लाना पड़ता है…
और ना ही जाते वक्त कुछ
ले जाना पड़ता है…!!

बड़ी कुशहाल थी …

बड़ी खुशहाल थी जिंदगी
फिर हमे भी प्यार हो गया
अच्छा खासा चल रहा था
अब बद से बदहाल हो गया

                             कवि:श्रवण चौधरी"राही"