तड़प दो तरफा थी …

तड़प? दो तरफा? थी प्यार? में ,
फर्क बस इतना था कि वो जता दिए ✍️ और हम जिम्मेदारियों तले छिपा ? दिए ।

mohabbat

jaroori nhi ki ishq me baaho ke shaare mile ek dooje ko mahsoos karna bhi mohabbat hai….

mohabbat

jaroori nhi ki ishq me baaho ke shaare mile ek dooje ko mahsoos karna bhi mohabbat hai….

ऊॅंचा उठने के लिए पं…

ऊॅंचा उठने के लिए
पंखों की ज़रुरत केवल
पक्षियों को ही होती है।

मनुष्य तो जितना
विनम्रता से झुकता है
उतना ही ऊपर उठता है।