मुट्ठी दुआओं की …

मुट्ठी दुआओं की
माता पिता ने,
चुपके से सिर
पर छोड़ दी…
खुश रहो,…..
कह कर,….

और हम नासमझ
जिंदगी भर…
मुकद्दर का…
‌‌ अहसान मानते रहे…