हसी तुमसा नही

कभी अपनी हँसी पर भी आता है गुस्सा,
कभी सारे संसार को हँसाने का जी चाहता हैं..
कभी छुपा लेते है गमो को किसी कोने में,
कभी किसी को सबकुछ सुनाने को जी चाहता हैं.

तुम बिन

तुम जो गए नींद गई
तुम जो गए चैन गया
तुम्हारे बिना जिंदगी जैसे थम सी गई……..