परिंदे…रुक मत तुझ …

परिंदे…रुक मत तुझ में जान बाकी है,
मंजिल दूर है अभी बहुत उड़ान बाकी है…
यूं नहीं मिलती खुदा की मेहरबानी,
एक से बढ़कर एक इम्तिहान बाकी हैं…
उड़ने के लिए तो होंसला चाहिए,
जीतने के लिए सारा जहान बाकी है…

कोई इंसान कितना भी ब…

कोई इंसान कितना भी बुरा हो,
लेकिन अगर आप अपनी
अच्छाइयाॅ नहीं छोड़ते हैं तो
कोई आपका कुछ नहीं बिगाड़
सकता है। सत्य और धर्म के आगे
हर बुराई को झुकना ही पड़ता है।