गुरू गुरू वही है ज…

गुरू*

गुरू वही है जो इंसान की आँखें खोल दे
सच कितना भी कडुवा हो मुँह पर बोल दे।

इंसान के जीवन को प्रभु चरणों से जोड़ दे
अंधकार से निकालकर रोशनी से जोड़ दे।

हमारे शब्दों से किस…

हमारे शब्दों से किसी के चोट लगे तो उसके लिए हम क्षमा प्रार्थी हैं,

किंतु सही बात भी किसी को हज़म न हो तो वो निहायत स्वार्थी है।

ज़ुल्फ़ें चेहरे …

ज़ुल्फ़ें

चेहरे पर झूमती ज़ुल्फ़ों को
जब वो ऊपर करती है।
दूर बैठी मेरी अँगुली कल्पनाओं
में उनको नीचा करती है।

कैसे कहें उनको रहने दो
ना इनको चेहरे पर पड़े हुए।
मन मोह लेती हैं ये ज़ुल्फ़ें
झूलती गालों पर पड़े हुए।

ग़ुरूर वो ग़ुरूर…

ग़ुरूर

वो ग़ुरूर में चूर थे ऊँचा ओहदा पाकर
अँधों में अपने को राजा कहलवा कर।

बड़े ख़ुश थे अपने को सबसे घिरा पाकर
फूले नहीं समा रहे थे झूठी प्रशंसा पाकर।

रेस दुनियाँ की दौ…

रेस

दुनियाँ की दौड़ में हम भी दौड़ रहे थे,
पीछे यादों का क़ाफ़िला छोड़ रहे थे।

हाँसिल क्या होगा यह तो पता नहीं
मिलेगी मंज़िल या नहीं कुछ खबर नहीं।

पर फिर भी देखा देखी हम भी दौड़ रहे थे
कुछ पाने के लिए हम बहुत कुछ खो रहे थे।

झूठ की हद खबर है …

झूठ की हद

खबर है ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत नहीं हुई,
तो फिर क्यों विदेशों से आयी मदद स्वीकार की गई।

क्यों इतने टन ऑक्सीजन का उत्पादन बढ़ा दिया,
क्यों सभी राज्यों ने ऑक्सीजन की कमी का शोर मचा दिया।

क्यों सड़कों और अस्पतालों के बाहर लोग दम तोड़ने लगे
क्यों ऑक्सीजन सिलेंडर की तलाश में लोग मारे मारे फिरे।

क्यों कुछ लोग इतनी असंवेदनशील बयानबाज़ी करते हैं,
आत्मग्लानि महसूस करने की जगह झूठ की हदें पार करते हैं।

क्या फ़ायदा है ऐसी …

क्या फ़ायदा है
ऐसी शिक्षा का जहाँ
अनपढ़ पढ़े लिखों को
बेवकूफ बना रहे हैं।

वो झाँसों पे झाँसे
दिए जा रहें हैं और
ये बड़ी आसानी से
झाँसों में आ रहें हैं।

कुछ डर ख़तरा नहीं है…

कुछ डर ख़तरा नहीं है
हमें कुछ खोने का
दौलत के रूप में
कलम को रख रखा है।

कहीं मिला नहीं हमें
इतना सारा आनंद
जितना इस छोटी सी
कलम ने दे रखा है।

चरित्रवान मीठा ब…

चरित्रवान

मीठा बेशक न बोले
पर इंसान चरित्रवान हो
मुँह नहीं लगाते हम उनको
जो ज़रा भी बेईमान हो।

उतर जाते है नज़रों से
जिनकी नज़र में औरत का
सम्मान न हो चाहे वो
गरीब हो या धनवान हो।