कागज़ अपनी किस्मत…

कागज़ अपनी किस्मत से उड़ता है
और
पतंग अपनी काबिलियत से उड़ती है,
‌ इसलिए किस्मत साथ दे या ना दे
‌ लेकिन
काबिलियत जरुर साथ देती है।

देखो धरती की जगमग दे…

देखो धरती की जगमग देखो
पूछो किरणों से इसका कैसा नाता है?
कुछ मीठा सा छू जाता है
एक जवाब वहीं से आता है
नहीं सिर्फ ये महज रोशनी
यहाॅं ज्ञान का प्रकाश जगमगाता है
सेवा का प्रकाश यहाॅं आंखें चुंधियाता है
शान्ति से रोशन है जो वही तो धरती माता है।