ये जिंदगी.. ✍

ये जिंदगी तु मत रूठ
क्योंकि हमें मनाना नहीं
आता, अक्सर हम उलझ
जातें हैं,तेरे सवालों में क्योंकि
हमें इन सवालों को सूलझाना
नहीं आता, दो पल मुस्कुरा लेने
दे ये जिंदगी क्योंकि तेरे दिये
हुये आंसुओं को हमें छुपाना
नहीं आता, ये जिंदगी मत रुठ..

पता ही नहीं चला ये …

पता ही नहीं चला ये
जिंदगी कब रुढ गयी,
पता ही नहीं चला, ये
सफर कहाँ तक आ गया,
पता ही नहीं चला बच्चपन
की वह बातें कंहा तक खो
गयी,
पता ही नहीं चला ये हंसी
जो चेहरे की नूर होती थी
वह एक नकाब बन गयी,
पता ही नहीं चला सपनों
की दुनियाँ से हम इस कपटी
दुनियाँ में खो गये..
कुछ पता ही नहीं चला
माशुम सी जिंदगी किस कोने
में सिमट गयी..

चाह ना रखो.. ✍

किसी के होठों की हंसी बन जाओ, पर
दर्द का कारण ना बनो, दुआ सब के लिये
करो, पर बदुआ की चाह ना रखो.. .

यैसा मंजर भी आता है.. ✍

कभी जिंदगी में यैसा मंजर
भी आता है,जो सफर चुना है,
वह गलत सा लगता है, जो वादा
खुद से किया है, वह झुठा सा
लगता है,
इस भिड़ भरी दुनियाँ में ये दिल
अकेला सा लगता है,
जो सपने आंखों ने देखें थे,
वह अब अधुरा सा लगता है, पर
ये हौसलों की किरणें फिर से
आती है और मेरे बुझे मन
को फिर से जगाती है, और
ये थका सा दिल फिर से
चलने को कहता है,
कभी जिंदगी में यैसा मंजर
भी आता है॥

एक नयी दुनियाँ में जातें हैं.. ✍

चलो एक नयी दुनियाँ में जातें हैं,
तारों से आसमान को सजाते है,
उस चांद को भी मोती बना कर
तुम्हारे बालों में लगाते हैं,
सारे चेहरे मिटा कर तुम्हें
आंखों में बसाते हैं ,
गम को याद नहीं करते हैं,
खुशीयों से तुम्हारा दामन
भरते है, कोई चुराना ले तुम
को हम से इस लिये तुम्हें
इस धागे से बांधते है,
चलो एक नयी दुनियाँ में जातें हैं॥