ये कैसा इश्क है उर…

ये कैसा इश्क है “उर्दू” ज़बाॅं का
मज़ा घुलता है, लफ़्ज़ों का ज़बाॅं पर,
कि जैसे पान में महॅंगा क़िमाम घुलता है
ये कैसा इश्क है उर्दू जबाॅं का।
नशा आता है उर्दू बोलने में

(नज़्म उर्दू ज़बाॅं)

अलंकार अजीब

तुम्हें जिंदगी के उज…

तुम्हें जिंदगी के उजाले मुबारक
अंधेरे हमें आज रास आ गए हैं

तुम्हें पा के हम खुद से दूर हो गए थे
तुम्हें छोड़कर अपने पास आ गए हैं
तुम्हें जिंदगी के…

कारगिल …

कारगिल
विजय दिवस

शोहरत का धुॅंआं देखा है तुमने
लेकिन अंदर कितना ईंधन जला है
तुमको खबर नहीं है..

SALUTE KARGIL WAR HEROES

बोलिए सुरीली बोलियां…

बोलिए सुरीली बोलियां,
खट्टी मीठी आंखों की रसीली बोलियां।
रात में गोले चाॅंद की मिश्री,
दिन के गम नमकीन लगते हैं।
नमकीन आंखों की नशीली बोलियां,
गूंज रहे हैं डूबते साए।
शाम की खुशबु हाथ ना आए,
गूंजती आंखों की नशीली बोलियां।

गृह प्रवेश

छोटी सी दिल ‌‌ …

छोटी सी दिल
‌‌ की उलझन है
ये सुलझा दो तुम

जीना तो सीखा
है मर के

मरना
सिखा दो तुम..

श्रदांजलि
सुशांत सिंह राजपूत