रिश्ता:- कायम हो मे…

रिश्ता:-

कायम हो मेरा रिश्ता उसी नाज़नीन से
चाहता हूँ इश्क दोबारा हो उसी महज़बीन से

यादों मे तन्हा काट दिया मौसम-ए-बहार
हो जाये इश्क फिर उसी ताजातरीन से

उनसे निभाना इश्क का रिश्ता नहीं आसान
मगर हम निभायेंगे रिश्ता उसी बेहतरीन से

दिल हमारा हर किसी पे मचलता नहीं है
मुझे सौंप दें दिल अपना वो पूरे यकीन से

“गागर” की शिद्दत से अब यही है आरज़ू
छोड़ गैरों को वो मिलें इस दिलनशीं से

उमाशंकर अग्रहरि “गागर” वाराणसी
दिनांक 18.12.2020।

झलक तेरी पाने को, आश…

झलक तेरी पाने को, आशिकों को तरसते देखा
तेरे अप्रतिम सौंदर्य पे दीवानों को मचलते देखा
खूबसूरत अदाओं से संवारा है तुझे ईश्वर ने
तेरे इश्क की दरिया में, लोगों को उतरते देखा

उमाशंकर अग्रहरि “गागर” वाराणसी
दिनांक 6.12.2020।

ज़ज़्बात:- मदद करते…

ज़ज़्बात:-

मदद करते रहें हम, शुक्रिया का भी रहें मोहताज़
नाम रौशन वो अपना करें, और बने रहें सरताज़

अज़ब अदा है उनकी, चुकाता हूँ कीमत प्यार की
लेते हैं काम प्यार से, क्या खूब है उनका अन्दाज़

नाज़-ओ-अदा है बेमिसाल, फूलों से भी नाज़ुक हैं
गुस्सा भी गर वो करें, निकलते हैं मधु भरे अल्फ़ाज़

थोड़ी कूटनीति में माहिर हैं, मगर है सरल स्वभाव
थोड़ी मनमानी करें, सुझावों को करें नज़र अन्दाज़

“गागर”की है चाह यही,वो निज़ कर्तव्यों पर ग़ौर करें
हम कद्र करते उनकी भावना,वो समझें मेरे ज़ज़्बात

उमाशंकर अग्रहरि “गागर” वाराणसी
दिनांक 2.12.2020।

चक्रव्यूह:- कैसा स…

चक्रव्यूह:-

कैसा समय का चक्र है होकर निष्ठुर दिल तोड़ा है
कली फूल बनती पहले ही डाली ने साथ छोड़ा है

चाह थी खुश्बू बिखेरूं, खिल के पुष्प उपवन में
चाहतों के दरिया के रुख को नियति ने मोड़ा है

तितलियों को देखकर जो सीख रही थी मचलना
नहीं पता था जीवन में, तूफां का आना थपेड़ा है

यादों को सहेजा भी न था, मकां पुराने बदल गये
कैद हुयी पिंजड़े में पंक्षी,मन को व्याकुल होना है

दायित्वों के बोझ तले, बस कर्तव्यों का रेला है
अधिकारों की न बात कोई, ये तो एक बखेड़ा है

तौर तरीके बदल गये, उनमुक्तता पर ताले जड़े
उड़ना था जो नील गगन में, पंखों को मरोड़ा है

कभी आइने में देख खुद को,मन मगन होता था
अब तो आइना देखकर, इतराना भी छोड़ा है

“गागर”न बाधो अभी बंधन में,मौका दें आगे बढ़ें
बेटियों से है ये जग, हर घर को स्वर्ग से जोड़ा है

उमाशंकर अग्रहरि “गागर” वाराणसी
दिनांक 30.11.2020।

डर लगता है:- हमें त…

डर लगता है:-

हमें तो इश्क में बेवफाई से डर लगता है
हुश्न की अज़ब अंगड़ाई से डर लगता है

वो खेल रहे थे मेरे जज़्बातों से हरदम
प्यार में उनके अब रुसवाई से डर लगता है

आरज़ू है वो भूले से भी न याद आयें कभी
मिले हुये ज़ख्मों की गहराई से डर लगता है

चाँद तारों से चमकते आसमाँ के तले
स्वर्णिम पूनम निशा में तन्हाई से डर लगता है

बहुत निकल चुका है मेरे अरमानों का ज़नाज़ा
अब तो दूर बजती हुयी शहनाई से डर लगता है

कहते हैं प्यार नभ से है ऊंचा सागर से गहरा
मुझे ऐसे प्यार की बिखराई से डर लगता है

इश्क की दुनिया में”गागर”अब न रखेंगे कदम
हुश्न की फ़ितरत-ए-हरज़ाई से डर लगता है

(स्वरचित)
उमाशंकर अग्रहरि “गागर” वाराणसी
दिनांक 2.12.2020।

इश्क़ का सुरूर:- तूफ…

इश्क़ का सुरूर:-

तूफान-ए-इश्क़ ने कहा बड़े गुरूर से
इश्क़ की कश्ती डूबेगी ज़रूर से
आशिक ने बेफ़िक्र कहा,पार किसे जाना है
डूबे रहने दो हमें इश्क में सुरूर से

उमाशंकर अग्रहरि “गागर” वाराणसी
30.11.2020

मदहोशी:- आभूषणों से…

मदहोशी:-

आभूषणों से सज संवर,खूबसूरत लिबास में
ऐ नाज़नीन महज़बीं,निगाहों से न ऐसे घूरा करो
आंखों के छलकते मय से,मदहोश होते जायेंगे
कभी तो मयखानें पे,पलकों का ताला जड़ा करो।

उमाशंकर अग्रहरि “गागर” वाराणसी
30.11.2020

आगोश:- अपने आगोश मे…

आगोश:-

अपने आगोश में लेकर
बता दो जमाने को
कोई तो प्यार करता है
मुझ दीवाने को

लोग समझते हैं
तन्हां हूँ मैं
जता दीजिये उनको
कोई है मुझे अपना बनाने को

उमाशंकर अग्रहरि “गागर” वाराणसी
दिनांक 19.11.2020।

मन हरा हो गया:- मन …

मन हरा हो गया:-

मन मस्त मगन,दिल चमन हो गया
चेहरा खिला, रंग सुनहरा हो गया
तन्हा था मैं दुनिया के इस मेले में
तेरा दीदार हुआ, मन हरा हो गया

उमाशंकर अग्रहरि “गागर” वाराणसी
दिनांक 30.11.2020।

प्रेरणा:- रूठा है …

प्रेरणा:-

रूठा है भाग्य तो रूठे, पग पीछे नहीं हटाना है
जीवन पथ पर कर्तव्यों को, निष्ठा से निभाना है

बाधायें तो आयेंगी, मुश्किलें भी घहरायेंगी
मन व्यथित भी होगा, पर आगे बढ़ते जाना है

जब तक जीवन है, निज हाथों को पतवार बना
रखें खुद पर ऐतबार, कश्ती को पार लगाना है

कोई छेड़ेगा व्यंग्यों से, मिथ्या लांछन लगायेगा
पर साहस के मरहम से,इन घावों को मिटाना है

शूलों को बनाकर प्रेरणा,संग समय के चलना है
हस्तरेखायें साथ दे,”गागर”ऐसा भाग्य बनाना है

उमाशंकर अग्रहरि “गागर” वाराणसी
दिनांक 25.11.2020।